एक अरब 20 करोड़ की आबादी वाले इस देश में केवल तीन फ़ीसदी लोग ही कर देते हैं.
इसे इस तरह समझा जा सकता है कि खेती-बाड़ी को कर के दायरे से बाहर रखा गया है और भारत की दो तिहाई आबादी गांवों में रहती है. अर्थव्यवस्था का एक बहुत बड़ा हिस्सा असंगठित हैं, इसलिए कर ले पाना थोड़ा कठिन काम है.
कई लोगों का कहना है कि अगर कर देने से बच रहे लोगों से कर वसूला जाए तो देश की आर्थिक समस्याओं से निजात मिल सकती है.
शादी से पहले जासूसी की बढ़ती मांग
मेरे एक दोस्त ने मुझसे कहा था कि उसकी शादी से पहले उसके ससुराल वालों ने
यह जानने के लिए कि उसकी कोई प्रेमिका तो नहीं थी, एक जासूस की सेवाएं ली
थीं.
हालांकि उसकी प्रेमिका थी. लेकिन जासूस (शुक्र है कि मेरे दोस्त के बारे
में) यह पता लगा पाने में नाकाम रहा. इस तरह उसकी शादी हो गई.
भारत में इस तरह की सेवाएं देने वाली कंपनियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है. ऐसी क़रीब 15 हज़ार कंपनियां काम कर रही हैं.
एक महिला ने मुझे बताया,‘‘यह जासूसी नहीं है.’’ इस महिला ने अपनी बहन के
होने वाले पति के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए एक जासूस की सेवाएं
ली थीं. उन्होंने बताया कि लड़के ने कहा था कि वह अच्छे परिवार से है. इसकी
तस्दीक करने के लिए ही हमने ऐसा किया.


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